बिहार की माली हालत
बिहार जो एक कर्म से लेकर धर्म तक का पावन नगर रहा है, वो आज मिटता जा रहा हैं। कहने को तो, ये सच नहीं होगा पर हकिकत बयां कर रही हैं। आज राज्य अपराध को लेकर चर्चा में फिर हैं। इसका ये मतलब नहीं कि बिहार अपऱाधियों का गढ. है। लेकिन अगर बिहार कि इतिहास को जब देखते है तो इससे कहीं कम नजर नहीं आता । सत्ता के अधिकारी तो इतना तक कह देते है, मुख्यमंत्री के कारण नहीं बल्कि राज्य के प्रशासनों कि लापरवाही के कारण ये हाले दिन सुबे में अपराध देखने को मिलता है। तो सवाल यहॉ ये है, कि जब प्रशासन द्वारा अपराधियों पर शिंकजा कसा जाता है, तो आला अधिकारियों को तुरंत हाइकमान के तहत तबादला का इनाम दिया जाता हैं । ये हम नहीं बल्कि बिहार कि माली हालत बयां करती है । सरकार अपना पलरा यूं बदलती हैं जैसे हम जानते नहीं, लेकिन जनता जानते हुए अनपढ.बनी बैठी है। इसका मुख्य कारण ''लाचार'' है।....

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